Court Manager (Hindi)

From Justice Definitions Project

न्यायालय प्रबंधक कौन होता है?

न्यायालय प्रबंधक न्यायालय प्रबंधन की कार्यक्षमता बढ़ाने और मामलों के निपटान में सुधार के लिए प्रशासनिक कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं।[1]

न्यायालय प्रबंधक की आधिकारिक परिभाषा

13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट, [2] जिसमें  न्यायालय प्रबंधक का पद प्रस्तुत किया गया था, उसमे यह बताया गया हैं कि उनकी  भूमिका "न्यायालयों के प्रशासनिक कामकाज में प्रधान, जिला और सत्र न्यायाधीशों की सहायता करना" है। [3]

रिपोर्ट के अनुसार, न्यायालय प्रबंधक का पद प्रत्येक न्यायिक जिले में प्रधान, जिला और सत्र न्यायाधीशों के साथ सृजित किया जाएगा। इसी प्रकार, प्रत्येक उच्च न्यायालय के लिए दो न्यायालय प्रबंधक और उच्च न्यायालय की प्रत्येक खंडपीठ के लिए एक पद सृजित किए जा सकते हैं।हालांकि, न्यायालय प्रबंधक का पद सभी उच्च न्यायालयों में नियमित नहीं किया गया है और केवल कुछ उच्च न्यायालयों ने नियमितीकरण के संबंध में नियम पारित किए हैं। [4] हाल ही में 2022 में, केरल उच्च न्यायालय ने माना कि उच्च न्यायालय में अस्थायी रूप से नियुक्त न्यायालय प्रबंधक को नियमित किया जाना चाहिए।[5]

न्यायालय प्रबंधकके कार्य

13वें वित्त आयोग की रिपोर्ट के कार्यान्वयन के लिए, न्याय विभाग राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के परामर्श से न्यायालय प्रबंधकों  के सुझाए गए कार्य, जिम्मेदारियॉं  और योग्यताएको प्रदान करता है।[6]

निम्नलिखित भूमिकाएं प्रस्तावित की गई हैं:

  1. प्रस्तावित राष्ट्रीय बकाया ग्रिड की स्थापना  सभी न्यायालयों में मामलों के निपटान की निगरानी के लिए स्थापित किया जाना है।[7]
  2. पंचवर्षी  न्यायालय विकास योजना तैयार करें और उसे अद्यतन करना।
  3. न्यायालयों के कामकाज पर सटीक आंकड़ों का संकलन सुनिश्चित करना।
  4. यह सुनिश्चित करना कि न्यायालय प्रबंधन प्रणाली उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित नीतियों और मानकों का अनुपालन करती है।
  5. यह सुनिश्चित करना कि मामला प्रबंधन प्रणाली उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित नीतियों और मानकों का अनुपालन करती है।
  6. यह सुनिश्चित करना कि, उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मनकों पर न्यायालय न्याय तक पहुंचे, और कानूनी सहायता और उपयोगकर्ता अनुकूलता को पूरा करे ।
  7. यह सुनिश्चित करना कि  उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित न्यायनिर्णय के गुणवत्ता मानकों को न्यायालय पूरा करता है।
  8. सुनिश्चित करना कि न्यायालय में अनुसचिवीय कर्मचारियों का मानव संसाधन प्रबंधन उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मानव संसाधन प्रबंधन मानकों के अनुरूप हो।
  9. सुनिश्चित करना कि न्यायालय की मूल प्रणालियां स्थापित हैं और प्रभावी ढंग से कार्य करती हैं (प्रलेखन प्रबंधन; उपयोगिता प्रबंधन; बुनियादी ढांचा और सुविधा प्रबंधन; और वित्तीय प्रणाली प्रबंधन (अंकेक्षण, हिसाब-किताब, भुगतान)।
  10. सुनिश्चित करना कि न्यायालय की सूचना प्रौद्योगिकी प्रणालियां उच्च न्यायालय द्वारा स्थापित मानकों का अनुपालन करती हैं तथा  पूर्णतः कार्यात्मक हैं ।[6]

न्यायालय प्रबंधकों की योग्यताएं

पंजाब और हरियाणा [8], मणिपुर[9], छत्तीसगढ़[10],राजस्थान [11], झारखंड [12],केरल [13]और त्रिपुरा [14] के उच्च न्यायालयों ने अपने उच्च न्यायालय सेवा नियमों के तहत न्यायालय प्रबंधक का पद और आवश्यक सेवा शर्तों को शामिल किया है। इलाहाबाद, कलकत्ता, गुवाहाटी [15], मद्रास [16], ओडिशा जैसे अन्य उच्च न्यायालयों ने न्यायालय प्रबंधकों की नियुक्ति और योग्यताओं के लिए अलग नियम निर्धारित किए हैं। गुजरात[17] ,पटना [18],सिक्किम [19], उत्तराखंड [20] और हिमाचल प्रदेश [21] जैसे उच्च न्यायालय अनुबंध आधार पर न्यायालय प्रबंधकों की नियुक्ति करते हैं।

न्यायालय प्रबंधकों के लिए न्यूनतम योग्यता की सिफारिश एमबीए की गई है लेकिन विभिन्न राज्यों में एमबीए के अलावा विशिष्ट पात्रता शर्तें और कार्य अनुभव की अलग-अलग आवश्यकताएं हैं। राज्यों में प्रणाली  और प्रक्रिया प्रबंधन, सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधन, मानव संसाधन प्रबंधन या वित्तीय प्रणाली प्रबंधन में 2 वर्ष से 10 वर्ष तक के कार्य अनुभव की विभिन्न आवश्यकताएं हैं।[22]

कंप्यूटर अनुप्रयोग कौशल सभी राज्यों में एक सामान्य आवश्यकता है; ओडिशा उच्च न्यायालय ने कंप्यूटर अनुप्रयोग में कम से कम 6 महीने का डिप्लोमा निर्धारित किया है। [23] कलकत्ता उच्च न्यायालय [24] में अधिक विशिष्ट आवश्यकताएँ हैं; उम्मीदवार के पास बी.टेक / बीई (कंप्यूटर साइंस / आईटी) की बुनियादी डिग्री के साथ स्नातक डिग्री (एमबीए) या सामान्य प्रबंधन में उन्नत डिप्लोमा होना चाहिए।

केवल कुछ ही राज्यों में उम्मीदवार को राज्य की स्थानीय भाषा की जानकारी होना आवश्यक है तथा अधिकतर 'लोगों से जुड़ने के कौशल' और संचार कौशल पर जोर दिया जाता है। [25] अधिकांश राज्य यह भी निर्दिष्ट करते हैं कि अभ्यर्थियों ने अपनी शिक्षा नियमित तरीके से पूरी की होगी, न कि दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से । [8]अधिकांश राज्यों ने कानून स्नातकों को प्राथमिकता दी है। इस प्रकार, विभिन्न राज्यों में न्यायालय प्रबंधक के लिए आवश्यक योग्यताएं और कार्य अनुभव भिन्न-भिन्न हैं।

न्यायालय प्रबंधकों से संबंधित शोध

दक्ष: भारतीय न्यायपालिका में न्यायालय प्रबंधकों  की भूमिका: अतीत, वर्तमान और आगे का रास्ता (2020) [26]

रिपोर्ट भारतीय न्यायपालिका में न्यायालय प्रबंधकों की स्थिति का विश्लेषण करती है। यह सभी राज्यों में न्यायालय प्रबंधकों के पद को नियमित करके और पदोन्नति की गुंजाइश और उचित वेतन सुनिश्चित करने वाली प्रणाली बनाकर न्यायालय प्रबंधक की स्थिति को मजबूत करने का सुझाव देती है।इसके अलावान्यायालय प्रबंधकों के कर्तव्यों और जिम्मेदारियों का निर्धारण करने और उन्हें न्यायालय के प्रशासनिक कार्यों पर और अधिक प्रदान करने से यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि न्यायालय प्रबंधक का  पद अपनी  पूरी क्षमता के  साथ आकर हो सके।

न्यायालय प्रबंधक प्रयोग के लगभग 15 वर्ष बाद - भारतीय न्यायपालिका में प्रशासनिक सुधारों का अगला कदम क्या है? (2024) (RSRR)[27]

आतिश्य कुमार द्वारा RGNUL स्टूडेंट रिसर्च रिव्यू (RSRR) में प्रकाशित ब्लॉग पोस्ट, भारतीय न्यायालयों में न्यायाधीशों के प्रशासनिक बोझ को कम करने के लिए 2010 में शुरू की गई कोर्ट मैनेजर योजना की विफलता की जांच करता है। न्यायाधीश, विशेष रूप से जिला न्यायालयों में, प्रशासनिक जिम्मेदारियों से अत्यधिक बोझित हैं, जो उनके मूल न्यायिक कर्तव्यों को प्रभावित करता है और मामलों के बैकलॉग में योगदान करता है। जबकि योजना का उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों के लिए एमबीए-योग्य पेशेवरों को लाना था, इसका कार्यान्वयन न्यायिक प्रतिरोध, अस्पष्ट पदानुक्रम और करियर प्रोत्साहन की कमी से बाधित हुआ। ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका में न्यायालय प्रशासन मॉडल के साथ तुलना से पता चलता है कि भारतीय न्यायालयों में कानूनी अनुभवी कोर्ट मैनेजर के तहत विशेषज्ञ पेशेवरों से युक्त एक संरचित प्रशासनिक संवर्ग की आवश्यकता है। ब्लॉग न्यायिक दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों की भर्ती, योग्यता और जिम्मेदारियों को मानकीकृत करने के लिए सुधारों की सिफारिश करता है।

विभिन्न क्षेत्राधिकारों में न्यायालय प्रबंधकोंकी भूमिका [28]

यह रिपोर्ट न्यायालय प्रबंधकों की भूमिका का एक सम्मेलन है, जिसका उद्देश्य न्यायाधीशों को उनकी न्यायिक भूमिका में संलग्न होने के लिए अधिक समय देकर मामलों के निपटान में तेजी लाने के लिए प्रशासनिक कार्यों में न्यायाधीशों की सहायता करना हैं।

अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यक्षमता में सुधार के लिए न्यायालय प्रबंधन तकनीकों पर एक अध्ययन [29]

यह रिपोर्ट न्यायालय प्रबंधकों को सौंपे गए कार्य पर एक क्षेत्रीय अध्ययन का परिणाम है। यह मामलों और मुकदमों में मौजूदा प्रथाओं और प्रक्रियाओं, और इस प्रशासन और प्रबंधन में कर्मचारियों की भूमिका का अध्ययन करने का प्रयास करती है।आगे यह इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण हितधारकों, यानी न्यायिक अधिकारियों, लोक अभियोजकों, वकीलों और अन्य न्यायालय व्यावसायिकों, और लिपिक  और बेलिफ पर नजर डालती है। यह कार्य हितधारकों से  प्रश्नावली के माध्यम से अनुभवजन्य अनुसंधान करने तथा न्यायालय की कार्यवाही के प्रत्यक्ष अवलोकन करके किया जाता  है।

अंतर्राष्ट्रीय अनुभव

दुनिया भर के क्षेत्राधिकारों ने न्यायालय प्रबंधकों  के पद को विभिन्न तरीकों से लागू किया है।

संयुक्त राज्य अमेरिका

संयुक्त राज्य अमेरिका में, इन्हें 'कोर्ट एडमिनिस्ट्रेटर' (न्यायलय प्रशासक)के रूप में जाना जाता है और ये न्यायपालिका में व्यावसायिक प्रबंधन ज्ञान लाते हैं और न्यायनिर्णय के लिए न्यायाधीशों के पास उपलब्ध समय को बढ़ाते हैं।[30]

यूनाइटेड किंगडम

यूनाइटेड किंगडम में, 2011 में स्थापित एचएम कोर्ट्स एवं  ट्रिब्यूनल्स सर्विस को इंग्लैंड और वेल्स में आपराधिक, दीवानी और पारिवारिक न्यायालयों और न्यायाधिकरणों के प्रशासनिक कार्यों को संभालने का काम सौंपा गया है। यह न्याय मंत्रालय द्वारा प्रायोजित एक कार्यकारी निकाय है।[31]

कनाडा

कनाडा की कोर्ट्स एडमिनिस्ट्रेशन सर्विस, जिसकी स्थापना 2003 में की गई थी, निम्नलिखित न्यायालयों को प्रभावी समर्थन और सेवाएं प्रदान करती है: फेडरल कोर्ट ऑफ अपील, फेडरल कोर्ट, कनाडा का टैक्स कोर्ट और कनाडा का कोर्ट मार्शल अपील कोर्ट।[32]

ऐसी भूमिकाएं जिन्हें न्यायालय प्रबंधक के रूप में समझ लिया जा सकता है

  1. कोर्ट रीडर/मास्टर- का अर्थ है न्यायालय का वह कर्मचारी जो फाइलों के प्रबंधन, दैनिक वाद सूची की तैयारी और प्रदर्शन, रजिस्टरों के रखरखाव, मामलों को पुकारने आदि सहित कार्यवाही के संचालन में न्यायालय की सहायता करता है।[33]
  2. कोर्ट कीपर- वह कर्मचारी जो न्यायालय कक्षों, चैंबरों, कार्यालय कक्षों और न्यायालय के रखरखाव से संबंधित अन्य कार्यों की व्यवस्था करता है।[34]

सन्दर्भ

  1. Recommendations of the 13th Finance Commission Regarding Improving the Justice Delivery System in the Country (2010), https://himachal.nic.in/WriteReadData/l892s/22_l892s/14-35904899.pdf
  2. Thirteenth Finance Commission Report (2009), https://smartnet.niua.org/sites/default/files/resources/13fcreng.pdf
  3. https://himachal.nic.in/WriteReadData/l892s/22_l892s/14-35904899.pdf
  4. DAKSH, ‘The Role of Court Managers in Indian Judiciary: Past, Present and the Way Ahead’ (2020), https://dakshindia.org/wp-content/uploads/2020/08/ROLE-OF-COURT-MANAGERS-IN-INDIAN-JUDICIARY.pdf
  5. Vidya Gopan v High Court of Kerala 2021 SCC ONLINE KER 495, https://www.livelaw.in/pdf_upload/2154000031420217-431960.pdf
  6. 6.0 6.1 Guidelines – Utilisation of grant-in-aid for Improvement in Justice Delivery recommended by Thirteenth Finance Commission (September 2010), https://dea.gov.in/sites/default/files/Guidelines%20for%20Improvement%20in%20Justice%20Delivery.pdf
  7. Thirteenth Finance Commission Report (2009), https://smartnet.niua.org/sites/default/files/resources/13fcreng.pdf
  8. 8.0 8.1 Rule 8C(1), High Court Establishment (Appointment and Condition of Service) Rules, 1973 (HC of Punjab and Haryana), https://highcourtchd.gov.in/sub_pages/left_menu/Rules_orders/highcourt_estt_rules_1973.pdf
  9. Rule 6, The High Court of Manipur Service (Conditions of Service and Recruitment of Court Manager) Rules, 2014, https://hcmimphal.nic.in/Documents/recruitment_rules_CM.pdf
  10. Third Schedule, The Chattisgarh High Court Services (Appointment, Conditions of Service and Conduct) Rules, 2017, https://highcourt.cg.gov.in/noti/2020/noti_26_23062020.pdf
  11. Part- I(A), The Rajasthan High Court Staff Services Rules, 2002, https://districts.ecourts.gov.in/sites/default/files/The%20Rajasthan%20High%20Court%20Staff%20Service%20Rules%2C%202002%20as%20amended%20upto%2019.08.2021.pdf
  12. Schedule B, Jharkhand High Court Officers and Members of Staff (Recruitment, Conditions of Service, Conduct and Appeal), 2002, https://jharkhandhighcourt.nic.in/node/display_pdf/rule_amend_notification_no_10_01032023
  13. Rule 7A, The Kerala High Court Service Rules, 2007,https://egazette.kerala.gov.in/pdf/2019/kg_39/Part%203/Judicial.pdf
  14. Schedule V, The High Court of Tripura Services (Appointment, Conditions of Service and Conduct) Rules, 2014,https://thc.nic.in/pdfs/High%20Court%20of%20Tripura%20Services%20Amended.pdf
  15. Rule 10, Gauhati High Court (Appointment and Conditions of service of Court Managers for the State of Assam) Rules, 2018, http://courtmanagement.in/paper-upload/44-Notification%20regarding%20rules%20for%20regulating%20the%20recruitment%20&%20conditions%20of%20service%20of%20persons%20appointed%20as%20Court%20Managers%20.pdf
  16. Rule 6, Madras High Court Adhoc Rules for Court Managers – 2012, https://www.hcmadras.tn.nic.in/rules17of2012.pdf
  17. Gujarat High Court, Advertisement for appointment of court managers (2017), https://gujarathighcourt.nic.in/hccms/sites/default/files/Recruitment_files/Detail_Advertisement_CM_201819.pdf
  18. Patna High Court, Advertisement for the post of court manager (2015), https://www.patnahighcourt.gov.in/exam/phccm/cm.pdf
  19. High Court of Sikkim, Court Manager Employment Notice (2017), https://hcs.gov.in/hcs/sites/default/files/recruitment/vacancy.pdf
  20. High Court of Uttarakhand, Advertisement for Court Manager (2014),https://highcourtofuttarakhand.gov.in/files/results/Recruitment_of_Court_Managers._1.pdf
  21. High Court of Himachal Pradesh,Terms and Conditions of appointment etc. of the Court Manager (2013), https://hphighcourt.nic.in/pdf/CondCourtManagers31072013.pdf
  22. Guidelines for Recruitment, Conditions of Service & Functions of Court Managers,2014,https://www.allahabadhighcourt.in/rules/court_manager_10-12-14.pdf
  23. Rule 8 Odisha Senior Court Manager and Court Manager of the High Court and District Courts (Method of Recruitment and Conditions of Service) Rules, 2020, https://www.orissahighcourt.nic.in/cmrules2020.pdf
  24. The Calcutta High Court Service (Conditions of Service and Recruitment of Court Manager) Rules, 2012, https://www.wbja.nic.in/wbja_adm/files/The%20Calcutta%20High%20Court%20service(conditions%20of%20service%20and%20recruitment%20of%20court%20manager)%20Rules,2012.pdf
  25. Advertisment for Court Manager,https://highcourtofuttarakhand.gov.in/files/results/Recruitment_of_Court_Managers._1.pdf
  26. Daksh, Role of Court Managers in India." available at: https://dakshindia.org/wp-content/uploads/2020/08/ROLE-OF-COURT-MANAGERS-IN-INDIAN-JUDICIARY.pdf+(accessed+on+21+June+2023.)
  27. https://www.rsrr.in/post/almost-15-years-since-the-court-manager-experiment-what-s-next-in-administrative-reforms-in-the-in
  28. Dr. Geeta Oberoi, Ministry of Finance, Government of India, "Role of Court Managers in Different Jurisdictions" available at: https://nja.gov.in/Concluded_Programmes/2016-17/P-1010_PPTs/1.ROLE%20OF%20COURT%20MANAGERS%20IN%20DIFFERENT%20JURISDICTIONS(Session2).pdf+(accessed+on+21+June+2023)
  29. Dr Vikas H. Gandhi, Department of Justice, ‘A study on Court management techniques for improving the efficiency of subordinate courts.’ Available at: https://cdnbbsr.s3waas.gov.in/s35d6646aad9bcc0be55b2c82f69750387/uploads/2021/11/2021112341.pdf+(accessed+07/11/2023.)
  30. United States Department of Justice, Court Administrator: A Manual (1992), https://www.ojp.gov/ncjrs/virtual-library/abstracts/court-administrator-manual
  31. HM Courts and Tribunals Service, https://www.gov.uk/government/organisations/hm-courts-and-tribunals-service/about
  32. Courts Administration Service, https://www.cas-satj.gc.ca/en/home.shtml
  33. Duties of a Reader (2016), https://cja.gov.in/Download/Ministerial%20Staff%20Training/Reader%20PPT.pdf
  34. Powers and duties of employees, https://districts.ecourts.gov.in/sites/default/files/Details%20II.pdf